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Muzaffarnagar में जगन्नाथ रथयात्रा और भागवत कथा की तैयारी के बीच विवाद की चर्चा: प्रेसवार्ता के बाद समिति सदस्यों में तीखी नोकझोंक चर्चा का विषय बनी
Muzaffarnagar में आगामी दिनों में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा और भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जहां एक ओर धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं प्रेसवार्ता के बाद सामने आई कथित बहस और मतभेदों की चर्चाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि आयोजन समिति का फोकस कथा और रथयात्रा के सफल आयोजन पर है, लेकिन शहर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ इन चर्चाओं को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।
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Muzaffarnagar में गर्मी का कहर: 38 डिग्री तापमान, लेकिन 43 डिग्री जैसी तपिश से बेहाल लोग, बाजारों में पसरा सन्नाटा
Muzaffarnagar में बढ़ती गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तापमान भले ही 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा हो, लेकिन कम हवा और अधिक नमी के कारण लोगों को 43 डिग्री जैसी तपिश महसूस हो रही है। सड़कों पर कम होती भीड़, बाजारों में घटती रौनक और गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे उपाय इस बात का संकेत हैं कि मौसम फिलहाल लोगों की परीक्षा ले रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि पर्याप्त पानी पीते रहें, दोपहर की धूप से बचें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
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Vaibhav Suryavanshi विवाद पर BCCI का बड़ा बयान: ‘कार्रवाई का अधिकार हमारा नहीं’, श्रीलंका ए मैच के बाद हुई धक्का-मुक्की पर अटकलों पर विराम
Vaibhav Suryavanshi इस विवाद ने युवा क्रिकेट में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल BCCI ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में सीधे कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं है और अंतिम फैसला मैच अधिकारियों तथा संबंधित क्रिकेट बोर्डों की प्रक्रिया के तहत ही होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैच रेफरी की सिफारिशों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और क्या किसी खिलाड़ी पर औपचारिक दंड लगाया जाता है या नहीं।
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अपनी ही सरकार, अपने ही अफसर और अपना ही अल्टीमेटम! श्रीराम कॉलेज Muzaffarnagar रोड पर मंत्री कपिल देव फिर नाराज़
Muzaffarnagar में विकास कार्यों की गति पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। मंत्री नाराज़ हैं, अधिकारी सफाई दे रहे हैं, बैठकें हो रही हैं और चेतावनियां जारी हो रही हैं। लेकिन सड़क अभी भी लोगों की परीक्षा ले रही है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की नजर अब किसी नए अल्टीमेटम पर नहीं, बल्कि सड़क पर दौड़ते बुलडोजर और निर्माण मशीनों पर टिकी हुई है। आखिर जनता को राहत आदेशों से नहीं, काम पूरा होने से मिलेगी।






































