फर्टिलिटी मेले का होगा आयोजनः डा. नूतन
मुजफ्फरनगर। (डा0 संजय अग्रवाल द्वारा)|वर्धमान टैस्ट टयूब बेबी सैन्टर पर रविवार 21 अक्टूबर को फर्टिलिटि मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमे इस संस्थान की चिकित्सा से लाभ प्राप्त कर पैदा होने वाले बच्चों एवं उनके अभिभावको को मेले में आने वाले सभी आगन्तुकों से अवगत कराया जायेगा। उपरोक्त जानकारी देते हुए डा. श्रीमति नूतन जैन ने बताया कि यूं तो पिछले 35 वर्षो से वे अपना हॉस्पिटल चला रही हैं लेकिन पिछले सात सालो में चिकित्सा विज्ञान की नई तकनीकियों लेक्रोस्कोपी और आई.बी.एफ टैस्ट ट्यूब बेबी पर ही ध्यान केन्द्रित किया गया है।
डा. नूतन जैन ने बताया कि आई.बी.एफ टैस्ट ट्यूब बेबी मे अण्डे को ट्रांसप्लान्ट कर पांचवे दिन उसे ट्रासफर कर देते हैं। इससे पहले महिला की अण्डेदानी-बच्चेदानी और नलो को ठीक करने का काम किया जाता है और यदि रसोली वगैरहा होती है तो उसे भी हटा दिया जाता है। डा. वन्दना जैन ने बताया कि हम बंजर जमीन को ठीक कर उसे उपजाऊ करने का काम करते हैं। इसे हिस्टोस्कोपी कहते हैं। इस काम मे मरीज को डेढ दो लाख रूपया खर्च करना पडता है। ऐसे केसो मे 40 से 50 वर्ष तक की महिलाआें को भी चयनित किया जाता है। यद्यपि विश्व स्तर 70 साल की महिला द्वारा बच्चा पैदा कर विश्व रिकार्ड बनाया गया है।
डा.वन्दना जैन ने बताया कि महिलाओ मे बांझपन की बढती हुई शिकायतो के लिए देरी से शादी करना तथा कैरियर बनाने की वजह से शादी में विलम्ब होना भी एक कारण है। इसके अलावा धूम्रपान, फास्ट फूड तथा अनियमित खानपान और मोटापा आदि भी ऐसे कई कारण हैं जो बांझपन को बढावा देते हैं।
डा. अनुभव जैन ने बताया कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की आरोग्य योजना ‘‘आयुष्मान’’ मे टैस्ट ट्यूब बेबी को शामिल नही किया गया है। यद्यपि अस्पताल की बाकी सेवाऐं इसके अर्न्तगत आ गई हैं। उन्होने यह भी जानकारी दी कि उनके अस्पताल मे स्थानीय ही नही बल्कि अन्य राज्यो के मरीज भी बराबर स्वास्थ्य सेवाए ले रहे है। इसके लिए योग्य चिकित्सको की टीम बराबर सेवारत है।
